Hindi · Poetry
खुला पन्ना — Hindi Sample
वेबसाइट के लिए तैयार की गई मूल, AI-सहायता प्राप्त नमूना कविता। यह अनवर कमाल की पहले से प्रकाशित रचना नहीं है।
मेज़ पर एक पन्ना रखा है,
उस पर सुबह उतरती है।
खिड़की से आती हल्की धूप
मन की गाँठें खोलती है।
मैं एक छोटा शब्द लिखूँ,
फिर थोड़ा ठहर जाता हूँ।
काग़ज़ की इस शांत जगह में
अपना रास्ता पाता हूँ।
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